कोरोना इफेक्ट - सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में गत वर्ष से 11 हजार छात्र कम

डिजिटल डेस्क जबलपुर । कोरोना महामारी की वजह से जिले के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पिछले साल की तुलना में 11 हजार छात्र कम हो गए हैं।  सरकारी स्कूलों में 8 हजार और प्राइवेट स्कूलों में 3 हजार छात्र कम हुए हैं। पिछले साल जिले में कक्षा पहली से बारहवीं तक के छात्रों की संख्या 2 लाख 65 हजार थी, जो इस साल घटकर 2 लाख 54 हजार हो गई है। डीईओ और डीपीसी ने गुरुवार को जनशिक्षकों और बीआरसी की बैठक कर स्कूलों में 10 अगस्त तक ज्यादा से ज्यादा एडमिशन कराने के लिए कहा है।  उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी की वजह से 25 मार्च से स्कूल बंद हैं। अनलॉक के बाद स्कूलों के कार्यालयों में तो काम शुरू हो गये हैं, लेकिन छात्र और अभिभावक अभी भी स्कूलों में एडमिशन के लिए नहीं पहुँच रहे हैं। स्कूलों में 11 हजार छात्रों की संख्या कम क्यों हुई। इसके संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक से जवाब माँगा है। गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक ने जनशिक्षकों और बीआरसी की बैठक ली। बैठक में सभी को 10 अगस्त तक छात्रों के एडमिशन करने के बाद भारत सरकार के पोर्टल पर इसे दर्ज करने का आदेश दिया गया है।  प्रवासी मजदूरों के बच्चों के एडमिशन  कोरोना महामारी के दौरान जबलपुर जिले में 448 प्रवासी मजदूर आए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग प्रवासी मजदूरों के 6 से 18 साल के बच्चों की सूची तैयार कर रहा है। सूची तैयार होने के बाद प्रवासी मजदूरों के बच्चों के भी स्कूल में एडमिशन कराए जाएँगे।   .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Corona Effect - 11 thousand students less than last year in government and private schools. ..

कोरोना इफेक्ट - सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में गत वर्ष से 11 हजार छात्र कम
डिजिटल डेस्क जबलपुर । कोरोना महामारी की वजह से जिले के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पिछले साल की तुलना में 11 हजार छात्र कम हो गए हैं।  सरकारी स्कूलों में 8 हजार और प्राइवेट स्कूलों में 3 हजार छात्र कम हुए हैं। पिछले साल जिले में कक्षा पहली से बारहवीं तक के छात्रों की संख्या 2 लाख 65 हजार थी, जो इस साल घटकर 2 लाख 54 हजार हो गई है। डीईओ और डीपीसी ने गुरुवार को जनशिक्षकों और बीआरसी की बैठक कर स्कूलों में 10 अगस्त तक ज्यादा से ज्यादा एडमिशन कराने के लिए कहा है।  उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी की वजह से 25 मार्च से स्कूल बंद हैं। अनलॉक के बाद स्कूलों के कार्यालयों में तो काम शुरू हो गये हैं, लेकिन छात्र और अभिभावक अभी भी स्कूलों में एडमिशन के लिए नहीं पहुँच रहे हैं। स्कूलों में 11 हजार छात्रों की संख्या कम क्यों हुई। इसके संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक से जवाब माँगा है। गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक ने जनशिक्षकों और बीआरसी की बैठक ली। बैठक में सभी को 10 अगस्त तक छात्रों के एडमिशन करने के बाद भारत सरकार के पोर्टल पर इसे दर्ज करने का आदेश दिया गया है।  प्रवासी मजदूरों के बच्चों के एडमिशन  कोरोना महामारी के दौरान जबलपुर जिले में 448 प्रवासी मजदूर आए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग प्रवासी मजदूरों के 6 से 18 साल के बच्चों की सूची तैयार कर रहा है। सूची तैयार होने के बाद प्रवासी मजदूरों के बच्चों के भी स्कूल में एडमिशन कराए जाएँगे।   .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Corona Effect - 11 thousand students less than last year in government and private schools. ..